Breaking Wire
⚡ BREAKING: Rashmika Mandanna & Vijay Deverakonda tie the knot in intimate Udaipur palace ceremony.◆💍 STAR NUPTIALS: Nupur Sanon and singer Stebin Ben marry in Udaipur with dual Christian & Hindu ceremonies.◆🎬 CINEMA WEDDING: Telugu actor Allu Sirish marries Nayanika Reddy in traditional ceremony.◆👑 ROYAL WEDDING: King Charles III and Queen Camilla attend Peter Phillips & Harriet Sperling wedding in Kemble.◆📊 2026 REPORT: The Knot and Zola reveal average wedding spend reaches $34,000 as Gen Z takes the lead.◆🎰 TRAVEL FORECAST: Las Vegas predicts record wedding bookings for Nov 11, Nov 13 & New Year’s Eve 2026.◆
Saturday, October 17, 2026
traditions culture•October 16, 2026

अहोई अष्टमी 2026 कब है: तारीख, पूजा मुहूर्त और तारे देखने का समय

रविवार 1 नवंबर। दिल्ली में तारे शाम 6 बजे और चांद रात 11:40 बजे निकलेगा, और व्रत किससे खुलेगा यह घर की परंपरा तय करती है।

ShaadiNews Desk

Rituals & Planning

3 min read0 views

Editorial Summary & Key Highlights

अहोई अष्टमी 2026 रविवार, 1 नवंबर को है, करवा चौथ के तीन दिन बाद और दिवाली से एक हफ्ता पहले। माताएं संतान के लिए निर्जला व्रत रखती हैं और परिवार की परंपरा के अनुसार तारे या चांद देखकर व्रत खोलती हैं। दिल्ली में पूजा मुहूर्त शाम 5:36 से 6:54 बजे तक, तारे 6:00 बजे और चंद्रोदय रात 11:40 बजे है। लखनऊ में पूजा 5:24 से 6:41, तारे 5:48 और चंद्रोदय 11:28 बजे है। जयपुर में पूजा 5:44 से 7:01, तारे 6:08 और चंद्रोदय 11:50 बजे है। मुंबई में पूजा 6:05 से 7:20, तारे 6:28 और चंद्रोदय 2 नवंबर रात 12:15 बजे है। अष्टमी तिथि 1 नवंबर दोपहर 2:51 से 2 नवंबर दोपहर 1:10 बजे तक है। अहोई माता का चित्र आठ कोनों वाला बनाया जाता है, और व्रत कथा उस स्त्री की है जिससे अनजाने में शेर का बच्चा मर गया था। इसी दिन मथुरा के राधा कुंड में स्नान भी होता है।

Key Insights

  • •अहोई अष्टमी 2026 रविवार, 1 नवंबर को है। दिल्ली में पूजा मुहूर्त शाम 5:36 से 6:54 बजे तक है।
  • •तारे देखकर व्रत खोलने वाले दिल्ली में शाम 6:00 बजे व्रत खोल सकते हैं। चांद देखकर खोलने वालों को रात 11:40 तक इंतजार करना होगा।
  • •मुंबई में चांद 2 नवंबर की रात 12:15 बजे निकलेगा, इसलिए वहां चांद वाला व्रत अगले दिन तक जाता है।
रात के आसमान में तारे।

रात के आसमान में तारे।

अहोई अष्टमी 2026 रविवार, 1 नवंबर को है। यह करवा चौथ के तीन दिन बाद और दिवाली से एक हफ्ता पहले पड़ रही है। दिल्ली में पूजा का मुहूर्त शाम 5:36 से 6:54 बजे तक है, और तारे शाम 6:00 बजे दिखेंगे।

यह व्रत माताएं अपनी संतान के लिए रखती हैं, निर्जला। व्रत तारे देखकर खुलता है या चांद देखकर, यह हर परिवार की अपनी परंपरा है। और इस साल दोनों में बड़ा फर्क है। दिल्ली में तारे शाम 6 बजे निकल आएंगे, लेकिन चांद रात 11:40 बजे से पहले नहीं निकलेगा।

शहर के हिसाब से समय

दिल्ली में पूजा शाम 5:36 से 6:54 तक, तारे 6:00 बजे और चंद्रोदय रात 11:40 बजे।

लखनऊ में पूजा शाम 5:24 से 6:41 तक, तारे 5:48 पर और चंद्रोदय रात 11:28 पर।

जयपुर में पूजा शाम 5:44 से 7:01 तक, तारे 6:08 पर और चंद्रोदय रात 11:50 पर।

मुंबई में पूजा शाम 6:05 से 7:20 तक और तारे 6:28 पर। वहां चांद रात 12:15 बजे निकलेगा, जब तारीख बदलकर सोमवार 2 नवंबर हो चुकी होगी। मुंबई में जो परिवार चांद देखकर व्रत खोलते हैं, उनका व्रत अगले दिन तक खिंच जाएगा।

अष्टमी तिथि 1 नवंबर दोपहर 2:51 बजे शुरू होकर 2 नवंबर दोपहर 1:10 बजे खत्म होती है। तिथि के भीतर सिर्फ 1 नवंबर की शाम आती है, इसलिए व्रत रविवार को है।

तारे या चांद

कुछ परिवारों में व्रत शाम को पहले तारे दिखते ही खुल जाता है, और कुछ में चांद का इंतजार होता है। अहोई अष्टमी कृष्ण पक्ष की अष्टमी है, जब चांद देर से निकलता है। इसलिए 2026 में दोनों परंपराओं के बीच दिल्ली में करीब छह घंटे का अंतर है, और मुंबई में इससे भी ज्यादा।

अगर शादी के बाद पहली बार ससुराल में यह व्रत रख रही हैं, तो पहले ही पूछ लीजिए कि घर में तारे देखकर व्रत खुलता है या चांद देखकर, क्योंकि यह हर घर की अपनी रीत है और पंचांग इसका जवाब नहीं देता।

अहोई माता और व्रत कथा

अहोई माता का चित्र दीवार पर बनाया जाता है या कपड़े पर काढ़ा जाता है, अक्सर आठ कोनों वाला, क्योंकि यह अष्टमी का व्रत है। चित्र में आमतौर पर बच्चे और एक शेर भी होते हैं।

कथा एक साहूकार की पत्नी की है। वह मिट्टी खोदने जंगल जाती है और अनजाने में उसकी कुदाल से शेर का एक बच्चा मर जाता है। शेर उसे शाप देता है, और एक साल के भीतर उसके सातों बच्चे नहीं रहते। देवताओं का संदेश आता है कि घर लौटकर गाय की सेवा करो और अहोई माता की पूजा करो। पत्नी पश्चाताप करती है, व्रत रखती है, और माता उसकी संतान लौटा देती हैं। पंजाब की कथा में शेर के बच्चे की जगह साही का बच्चा है।

पूजा की थाली

भोग में भी आठ की गिनती चलती है: आठ पूरी, आठ पुए और हलवा। पूजा के बाद यह कुछ दक्षिणा के साथ ब्राह्मण को दिया जाता है। पूजा में मिट्टी का करवा, वही जो करवा चौथ में इस्तेमाल होता है, और दूब भी रखी जाती है।

राधा कुंड स्नान

दृक पंचांग में राधा कुंड स्नान भी इसी दिन दिया गया है। संतान की कामना रखने वाले दंपती मथुरा जिले के राधा कुंड में स्नान और पूजा करते हैं।

महीने का फर्क

उत्तर भारत में यह व्रत कार्तिक महीने में गिना जाता है, क्योंकि यहां महीना पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है। गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में महीना अमावस्या से अमावस्या तक गिना जाता है, इसलिए वहां यह आश्विन में पड़ता है। व्रत का दिन दोनों में एक ही है।

आगे के त्योहार

इससे पहले गुरुवार 29 अक्टूबर को करवा चौथ है। अहोई अष्टमी के बाद दिवाली का हफ्ता शुरू होता है: गुरुवार 5 नवंबर को रमा एकादशी, 6 नवंबर को धनतेरस और रविवार 8 नवंबर को दिवाली।

Quick Facts

अहोई अष्टमी 2026
रविवार, 1 नवंबर
दिल्ली
पूजा 5:36 से 6:54, तारे 6:00, चांद 11:40
लखनऊ
पूजा 5:24 से 6:41, तारे 5:48, चांद 11:28
जयपुर
पूजा 5:44 से 7:01, तारे 6:08, चांद 11:50
मुंबई
पूजा 6:05 से 7:20, तारे 6:28, चांद 12:15
अष्टमी तिथि
1 नवंबर 2:51 से 2 नवंबर 1:10
इसी दिन
राधा कुंड स्नान
Sources & Credits

हर शहर का मुहूर्त, तारों का समय और चंद्रोदय उसी शहर के दृक पंचांग पृष्ठ से लिया गया है और 1 नवंबर 2026 पर लागू होता है। कथा, भोग और महीने की बात विकिपीडिया के अहोई अष्टमी लेख से है। समय निर्देशांक पर निर्भर करता है, इसलिए पास के कस्बे में कुछ मिनट का फर्क हो सकता है।

Photo credit: तस्वीर Unsplash से।

Reader Reflections & Discussion (2)

Sunita Mehra(New Delhi)Editor's Choice
2 hours ago

The acoustic sitar during midnight pheras is such an inspired touch. Finally a return to soul over decibels!

Kunal Singhania(London)
5 hours ago

Loved the breakdown of vintage zardozi craftsmanship. True luxury takes thousands of hours.

Presented by Sponsor:Planning your big day? Find curated top-tier wedding pros at ShaadiPros.com.
Visit ShaadiPros.com
You have reached the end of this editorial dispatch.