
दिसंबर 2026 विवाह मुहूर्त: सात तारीखें
2, 3, 4, 5, 6, 11 और 12 दिसंबर। 6 दिसंबर की खिड़की सिर्फ 42 मिनट की है और 11 से 13 तक की 48 घंटे 23 मिनट की। 12 के बाद खरमास में कैलेंडर बंद।
ShaadiNews Desk
Rituals & Planning
Editorial Summary & Key Highlights
दृक पंचांग की नई दिल्ली के लिए गणना के अनुसार दिसंबर 2026 में विवाह के लिए सात शुभ तारीखें हैं: 2, 3, 4, 5, 6, 11 और 12 दिसंबर। इन खिड़कियों की लंबाई बहुत असमान है। 6 दिसंबर की खिड़की सुबह 7:00 से 7:42 तक केवल 42 मिनट की है और महीने में सबसे छोटी है, जबकि 11 दिसंबर की रात 3:04 से शुरू होकर 12 दिसंबर की खिड़की के साथ बिना रुके 13 दिसंबर की रात 3:27 तक चलती है, कुल 48 घंटे 23 मिनट। 2 दिसंबर की खिड़की 20 घंटे 26 मिनट, 4 दिसंबर की 3 घंटे 23 मिनट और 5 दिसंबर की 19 घंटे 12 मिनट की है। 3 दिसंबर पर दो अलग खिड़कियां हैं, सुबह 6:58 से 10:53 और रात 11:03 से अगली सुबह 6:59 तक, जिनके बीच बारह घंटे से ज्यादा का अंतराल है। 12 दिसंबर के बाद खरमास शुरू होता है और अगली विवाह तारीख 15 जनवरी 2027 है।
Key Insights
- •दिसंबर 2026 में विवाह की सात तारीखें हैं: 2, 3, 4, 5, 6, 11 और 12 दिसंबर।
- •6 दिसंबर की खिड़की सिर्फ 42 मिनट की है, सुबह 7:00 से 7:42 तक, और महीने में सबसे छोटी है। 11 और 12 दिसंबर मिलकर 48 घंटे 23 मिनट की एक लगातार खिड़की बनाती हैं।
- •3 दिसंबर को दो अलग खिड़कियां हैं और 12 दिसंबर के बाद खरमास के कारण अगली तारीख 15 जनवरी 2027 है।
चूड़ियों और मेहंदी वाला हाथ हवन कुंड में आहुति डालते हुए, विवाह की अग्नि के सामने।
दिसंबर 2026 में विवाह की सात तारीखें हैं: 2, 3, 4, 5, 6, 11 और 12 दिसंबर। नवंबर से तीन ज्यादा, लेकिन इनमें से एक खिड़की सिर्फ 42 मिनट की है और दूसरी दो दिन से भी लंबी।
सातों तारीखें और उनका समय
दृक पंचांग की नई दिल्ली के लिए गणना के अनुसार:
2 दिसंबर, बुधवार। सुबह 10:32 से 3 दिसंबर की सुबह 6:58 तक, उत्तरा फाल्गुनी, नवमी और दशमी। 20 घंटे 26 मिनट।
3 दिसंबर, गुरुवार। दो खिड़कियां। पहली सुबह 6:58 से 10:53 तक, उत्तरा फाल्गुनी और हस्त। दूसरी रात 11:03 से 4 दिसंबर की सुबह 6:59 तक, हस्त, एकादशी।
4 दिसंबर, शुक्रवार। सुबह 6:59 से 10:22 तक, हस्त, एकादशी। 3 घंटे 23 मिनट।
5 दिसंबर, शनिवार। सुबह 11:48 से 6 दिसंबर की सुबह 7:00 तक, स्वाति, द्वादशी और त्रयोदशी। 19 घंटे 12 मिनट।
6 दिसंबर, रविवार। सुबह 7:00 से 7:42 तक, स्वाति, त्रयोदशी। 42 मिनट।
11 दिसंबर, शुक्रवार। रात 3:04 से 12 दिसंबर की सुबह 7:04 तक, उत्तराषाढ़ा, तृतीया। 28 घंटे।
12 दिसंबर, शनिवार। सुबह 7:04 से 13 दिसंबर की रात 3:27 तक, उत्तराषाढ़ा, तृतीया और चतुर्थी। 20 घंटे 23 मिनट।
6 दिसंबर सिर्फ 42 मिनट का है
खिड़की सुबह 7:00 बजे खुलती है और 7:42 पर बंद हो जाती है। पूरे महीने में इससे छोटी कोई नहीं है।
42 मिनट में बारात का पहुंचना, स्वागत और फेरे, सब एक साथ नहीं बैठते। जो परिवार 6 दिसंबर को तारीख मान रहे हैं उन्हें यह देख लेना चाहिए कि 5 दिसंबर की खिड़की उसी सुबह 7:00 बजे खत्म होती है, और दोनों को साथ जोड़ने पर 19 घंटे 54 मिनट मिलते हैं। 5 की दोपहर से शुरू करना ज्यादातर मामलों में ज्यादा व्यावहारिक है।
11 और 12 दिसंबर मिलकर 48 घंटे से ज्यादा
11 की खिड़की 12 की सुबह 7:04 पर खत्म होती है और 12 की उसी मिनट शुरू हो जाती है। बीच में कोई खाली समय नहीं।
दोनों मिलकर 11 दिसंबर की रात 3:04 से 13 दिसंबर की रात 3:27 तक चलती हैं, यानी 48 घंटे 23 मिनट। यह महीने की सबसे छोटी खिड़की से लगभग सत्तर गुना है।
तीन दिन का कार्यक्रम रखना हो तो दिसंबर में यही जोड़ी सबसे ज्यादा जगह देती है।
आधी तारीखें सुबह या रात की हैं
11 दिसंबर की खिड़की रात 3:04 पर खुलती है। यह भोर से पहले का मुहूर्त है, और हलवाई, वेन्यू और बाहर से आने वाले लोगों को यह बात बुकिंग के समय पता होनी चाहिए, हफ्ता भर पहले नहीं।
4 दिसंबर की खिड़की सुबह 10:22 पर बंद हो जाती है, इसलिए उसमें दोपहर का कोई कार्यक्रम नहीं आएगा। 3 दिसंबर की दूसरी खिड़की रात 11:03 पर खुलती है।
3 दिसंबर को दो अलग खिड़कियां हैं
सूची में 3 दिसंबर एक तारीख की तरह दिखती है, लेकिन उसमें दो अलग समय हैं और बीच में बारह घंटे से ज्यादा का खालीपन है। पहली सुबह 6:58 से 10:53 तक, दूसरी रात 11:03 से अगली सुबह 6:59 तक।
जिस परिवार को सिर्फ इतना बताया गया है कि 3 तारीख शुभ है, वह गलत आधे हिस्से में कार्यक्रम रख सकता है।
12 दिसंबर के बाद कैलेंडर बंद हो जाता है
दृक पंचांग की अगली विवाह तारीख 15 जनवरी 2027 है। बीच का एक महीने से ज्यादा का खालीपन खरमास की वजह से है, जब सूर्य धनु राशि में जाता है।
दिसंबर की तारीख हाथ से निकलने का मतलब दो हफ्ते का इंतजार नहीं है। मौसम रुक जाता है, और नवंबर में सिर्फ चार तारीखें थीं, इसलिए पीछे लौटने की गुंजाइश भी नहीं बचती।
तारीख पक्की करने से पहले
ऊपर के सारे समय नई दिल्ली के लिए हैं। खिड़की का किनारा स्थानीय सूर्योदय से बनता है, इसलिए दूसरे शहर की गणना में यह कुछ मिनट आगे या पीछे खिसक जाता है। 42 मिनट की खिड़की में दो मिनट का फर्क भी मायने रखता है।
जिस शहर में विवाह होना है उसी का समय देखिए, और उसे उसी पंडित से पक्का कीजिए जो विवाह कराएंगे। मौसम कब खुलता है, यह देव उठनी एकादशी से तय होता है।
Quick Facts
- कुल तारीखें
- सात: 2, 3, 4, 5, 6, 11 और 12 दिसंबर
- 2 दिसंबर
- सुबह 10:32 से 3 दिसंबर सुबह 6:58, उत्तरा फाल्गुनी, 20 घंटे 26 मिनट
- 3 दिसंबर
- दो खिड़कियां: सुबह 6:58 से 10:53, और रात 11:03 से 4 दिसंबर सुबह 6:59
- 4 दिसंबर
- सुबह 6:59 से 10:22, हस्त, 3 घंटे 23 मिनट
- 5 दिसंबर
- सुबह 11:48 से 6 दिसंबर सुबह 7:00, स्वाति, 19 घंटे 12 मिनट
- 6 दिसंबर
- सुबह 7:00 से 7:42, स्वाति, 42 मिनट, महीने में सबसे छोटी
- 11 दिसंबर
- रात 3:04 से 12 दिसंबर सुबह 7:04, उत्तराषाढ़ा, 28 घंटे
- 12 दिसंबर
- सुबह 7:04 से 13 दिसंबर रात 3:27, उत्तराषाढ़ा, 20 घंटे 23 मिनट
- 11 और 12 साथ
- 48 घंटे 23 मिनट, बिना अंतराल
- 12 दिसंबर के बाद
- खरमास, अगली तारीख 15 जनवरी 2027
- गणना
- नई दिल्ली
सभी तिथियां और समय दृक पंचांग से लिए गए हैं, नई दिल्ली के लिए। खिड़कियों की अवधि उन्हीं समयों से गिनी गई है।
Reporting Source:

Reader Reflections & Discussion (2)
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