Breaking Wire
⚡ BREAKING: Rashmika Mandanna & Vijay Deverakonda tie the knot in intimate Udaipur palace ceremony.💍 STAR NUPTIALS: Nupur Sanon and singer Stebin Ben marry in Udaipur with dual Christian & Hindu ceremonies.🎬 CINEMA WEDDING: Telugu actor Allu Sirish marries Nayanika Reddy in traditional ceremony.👑 ROYAL WEDDING: King Charles III and Queen Camilla attend Peter Phillips & Harriet Sperling wedding in Kemble.📊 2026 REPORT: The Knot and Zola reveal average wedding spend reaches $34,000 as Gen Z takes the lead.🎰 TRAVEL FORECAST: Las Vegas predicts record wedding bookings for Nov 11, Nov 13 & New Year’s Eve 2026.
Monday, September 14, 2026
traditions cultureSeptember 14, 2026

देव उठनी एकादशी 2026 कब है: 20 नवंबर

शुक्रवार 20 नवंबर को चतुर्मास खत्म होता है, लेकिन नवंबर का पहला विवाह मुहूर्त अगले दिन 21 तारीख को है। पारण, गौण एकादशी और महीने की चारों तारीखें, दृक पंचांग से।

ShaadiNews Desk

Rituals & Planning

3 min read0 views

Editorial Summary & Key Highlights

देव उठनी एकादशी 2026, जिसे देव उठनी गयारस, प्रबोधिनी एकादशी और देवुत्थान एकादशी भी कहा जाता है, शुक्रवार 20 नवंबर 2026 को है। दृक पंचांग की नई दिल्ली के लिए गणना के अनुसार एकादशी तिथि 20 नवंबर को सुबह 7:15 बजे शुरू होकर 21 नवंबर को सुबह 6:31 बजे खत्म होती है। पारण 21 नवंबर को दोपहर 1:11 से 3:18 बजे के बीच किया जाता है, और हरि वासर उसी दिन दोपहर 12:07 बजे खत्म होता है। कुछ परंपराओं में गौण एकादशी 21 नवंबर को मानी जाती है, जिसका पारण 22 नवंबर की सुबह 6:49 से 8:56 बजे तक है। इसी दिन चतुर्मास खत्म होता है, लेकिन नवंबर 2026 का पहला विवाह मुहूर्त 21 नवंबर को पड़ता है, जो सुबह 6:48 बजे से 22 नवंबर की रात 12:08 बजे तक रेवती नक्षत्र में चलता है। अक्टूबर 2026 में विवाह के लिए एक भी शुभ दिन नहीं है और पूरे नवंबर में केवल चार तारीखें हैं: 21, 24, 25 और 26 नवंबर।

Key Insights

  • देव उठनी एकादशी 2026 शुक्रवार, 20 नवंबर को है। एकादशी तिथि 20 नवंबर सुबह 7:15 से 21 नवंबर सुबह 6:31 तक रहती है।
  • पारण अगले दिन, 21 नवंबर को दोपहर 1:11 से 3:18 बजे के बीच होता है, हरि वासर के दोपहर 12:07 पर खत्म होने के बाद।
  • मौसम 20 तारीख को खुलता है पर पहला विवाह मुहूर्त 21 नवंबर का है, और पूरे नवंबर में सिर्फ चार तारीखें हैं: 21, 24, 25 और 26।
पूजा की सामग्री फर्श पर सजी हुई: गेंदे की मालाएं, पत्तों के दोनों में फल, पीतल के बर्तन और जलता हुआ दीपक।

पूजा की सामग्री फर्श पर सजी हुई: गेंदे की मालाएं, पत्तों के दोनों में फल, पीतल के बर्तन और जलता हुआ दीपक।

ेव उठनी एकादशी 2026 शुक्रवार, 20 नवंबर को है। इसी दिन चतुर्मास खत्म होता है और शादियों का मौसम दोबारा खुलता है। लेकिन 20 नवंबर को शादी नहीं हो सकती, और यह बात ज्यादातर सूचियों में लिखी नहीं मिलती।

तारीख और समय

एकादशी तिथि 20 नवंबर को सुबह 7:15 बजे शुरू होती है और 21 नवंबर को सुबह 6:31 बजे खत्म हो जाती है। ये समय दृक पंचांग ने नई दिल्ली के लिए निकाले हैं।

व्रत 20 नवंबर को रखा जाता है और पारण अगले दिन होता है। 21 नवंबर को पारण का समय दोपहर 1:11 से 3:18 बजे तक है। हरि वासर उसी दिन दोपहर 12:07 बजे खत्म होता है, और पारण उसके बाद ही किया जाता है।

कुछ परंपराओं में गौण एकादशी 21 नवंबर, शनिवार को मानी जाती है। उसका पारण 22 नवंबर की सुबह 6:49 से 8:56 बजे के बीच पड़ता है।

देव उठनी गयारस भी यही दिन है

राजस्थान, मध्य प्रदेश और हिंदी पट्टी के बड़े हिस्से में इसे देव उठनी गयारस कहा जाता है। प्रबोधिनी एकादशी और देवुत्थान एकादशी भी इसी दिन के नाम हैं, इसलिए चार अलग नामों से खोजने पर भी तारीख वही 20 नवंबर निकलेगी।

जिस दिन देव जागते हैं, उस दिन फेरे नहीं होते

देव उठनी एकादशी 20 नवंबर को है, लेकिन दृक पंचांग के अनुसार नवंबर 2026 का पहला विवाह मुहूर्त 21 नवंबर को पड़ता है। वह मुहूर्त सुबह 6:48 बजे खुलता है और 22 नवंबर की रात 12:08 बजे तक चलता है, रेवती नक्षत्र और द्वादशी तिथि में।

मौसम खुलने का दिन 20 तारीख है, शादी 21 से शुरू होती है। जिस परिवार ने कार्ड पर 20 नवंबर छपवा दिया है, उसने वह तारीख किसी और आधार पर चुनी है, पंचांग की विवाह सूची से नहीं।

अक्टूबर में एक भी दिन नहीं था

दृक पंचांग अक्टूबर 2026 के बारे में साफ लिखता है कि पूरे महीने में विवाह के लिए एक भी शुभ दिन नहीं है। यही चतुर्मास है, जिसमें विष्णु के शयन के कारण मांगलिक काम रुके रहते हैं।

नवंबर में भी गिनती के दिन हैं। पूरे महीने में सिर्फ चार तारीखें निकलती हैं: 21, 24, 25 और 26 नवंबर।

अगले दिन तुलसी विवाह है

21 नवंबर को द्वादशी है और उसी दिन तुलसी विवाह होता है। मौसम का पहला विवाह मुहूर्त और तुलसी विवाह, दोनों एक ही तारीख पर पड़ जाते हैं।

इसका असर बुकिंग पर

चार महीने से रुकी हुई शादियां और वे सब जो नवंबर में ही शादी करना चाहते थे, इन्हीं चार दिनों पर आ जाते हैं। दिसंबर में सात तारीखें हैं, नवंबर से तीन ज्यादा।

अगर 21 से 26 नवंबर के बीच कोई हॉल या पंडित खाली नहीं मिल रहा, तो वजह यही है। देर से बुक करने की कीमत इसी हफ्ते में सबसे ज्यादा दिखती है।

तारीख पक्की करने से पहले

ऊपर के सारे समय नई दिल्ली के लिए हैं। मुहूर्त स्थानीय सूर्योदय से बनता है, इसलिए दूसरे शहर की गणना में शुरू और खत्म होने का समय बदल जाएगा। जिस शहर में विवाह होना है, उसी का समय देखिए, और उसे उसी पंडित से पक्का कीजिए जो विवाह कराएंगे।

Quick Facts

तारीख
शुक्रवार, 20 नवंबर 2026
एकादशी तिथि आरंभ
20 नवंबर, सुबह 7:15
एकादशी तिथि समाप्त
21 नवंबर, सुबह 6:31
पारण
21 नवंबर, दोपहर 1:11 से 3:18
हरि वासर समाप्त
21 नवंबर, दोपहर 12:07
गौण एकादशी
21 नवंबर, पारण 22 नवंबर सुबह 6:49 से 8:56
अन्य नाम
देव उठनी गयारस, प्रबोधिनी एकादशी, देवुत्थान एकादशी
पहला विवाह मुहूर्त
21 नवंबर, सुबह 6:48 से
नवंबर 2026 की विवाह तारीखें
21, 24, 25 और 26
अक्टूबर 2026
विवाह के लिए एक भी शुभ दिन नहीं
गणना
नई दिल्ली
Sources & Credits

तिथि, पारण और विवाह मुहूर्त के सभी समय दृक पंचांग से लिए गए हैं, नई दिल्ली के लिए।

Photo credit: Photograph via Unsplash.

Reader Reflections & Discussion (2)

Sunita Mehra(New Delhi)Editor's Choice
2 hours ago

The acoustic sitar during midnight pheras is such an inspired touch. Finally a return to soul over decibels!

Kunal Singhania(London)
5 hours ago

Loved the breakdown of vintage zardozi craftsmanship. True luxury takes thousands of hours.

Presented by Sponsor:Planning your big day? Find curated top-tier wedding pros at ShaadiPros.com.
Visit ShaadiPros.com
You have reached the end of this editorial dispatch.